जो काम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पहले गुंडे-बदमाश किया करते थे, अब वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में पुलिस (UP Police) द्वारा अंजाम दिए जा रहे हैं। ताज़ा मामला राजधानी लखनऊ से सामने आया है। जहां पुलिसकर्मियों ने एक कारोबारी को बंधक बनाकर उससे पैसों की मांग की।

पुलिसकर्मियों द्वारा बंधक बनाए गए भूतनाथ मार्केट के कपड़ा कारोबारी जसवीर सिंह ने ख़ुद इस बात की शिकायत मंगलवार को एसएसपी से की है। उन्होंने एसएसपी से बताया कि वह सोमवार शाम सात बजे अपनी कार से कुछ परदे गट्ठर में लेकर दुकान जा रहे थे।

इस दौरान लोहिया पार्क चौराहे पर सफेद रंग की एसयूवी ओवरटेक कर उनकी कार के सामने आ गई। जिसमें से दो पुलिसकर्मियों उतरे। एक इंस्पेक्टर था और दूसरा दरोगा। वहीं, एसयूवी एक सिपाही चला रहा था।

जसवीर का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उसकी कार रोकी और उसमें बैठ गए। इसके बाद कार की चाबी निकालकर अपने पास रख ली। एक पुलिसवाले ने उसका मोबाइल छीन लिया और गालियां देने लगे। उन्होंने कार में रखे गट्ठर के बारे में पूछताछ शुरू की।

इस पर जसवीर ने कहा कि इसमें परदे हैं, जिसकी बिल्टी भी है। उसे छुड़ाकर ला रहे हैं। इस पर पुलिसवालों ने आपत्ति जताई कि कार माल वाहक नहीं है। इसमें कैसे सामान लेकर आ रहे हो। जसवीर ने कहा कि ज्यादा माल नहीं था, इसलिए उसे कार में ही लेकर दुकान जा रहा था।

कारोबारी का आरोप है कि आधे घंटे तक लोहिया चौराहे पर पुलिसवालों ने उसे कार में बंधक बनाए रखा। इसके बाद दोनों धमकी देने लगे कि कार सीज करेंगे। इस पर जसवीर ने थाने चलने को कहा तो वे गालियां देने लगे और हाथापाई शुरू कर दी।

जसवीर ने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मी उसे लोहिया चौराहे से 1090 वीमेन पावर लाइन चौराहे ले गए। इस दौरान कार चला रहे सिपाही ने उसे पैसे देकर मामला खत्म करने की सलाह दी। कारोबारी ने बताया कि सिपाही ने उससे कहा कि साहब, गाड़ी सीज करेंगे तो 50 हजार रुपये देने पड़ेंगे। कुछ ले-देकर समझ लो। नहीं तो बहुत बुरे फंसोगे।

जसवीर ने बताया कि लोहिया चौराहे पर टीआई भी थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। दो घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद भी पुलिसकर्मी छोड़ने को तैयार नहीं हुए तो उसने गाड़ी का चालान करने की फरियाद की। इसपर पुलिसकर्मी ने कहा कि ऐसा चालान करूंगा कि गाड़ी थाने में सड़ जाएगी। इसके बाद रात करीब 9 बजे कार का ई-चालान कर दिया गया।

जसवीर की शिकायत सुनने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एएसपी ट्रैफिक पुर्णेंदु सिंह को आरोपी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया।