2016 में अंबानी की इस कंपनी की कमाई बिल्कुल नहीं हुई थी उल्टा 9 लाख का घाटा हुआ था जबकि 2017 में 6 लाख की कमाई हुई थी लेकिन 10.35 लाख का घाटा हुआ था। ठीक वही कंपनी 2017-18 में 284.19 करोड़ कमा लेती है, कैसे ?

राफेल डील को एक बड़ा घोटाला बता रहे विपक्ष को अब और धार मिल गई है क्योंकि आरोप का नया आधार मिल गया है।

राफेल डील और रिलायंस से जुड़ा एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। रिलायंस की डिफेंस कंपनी जो लगातार तीन साल घाटे में थी, वो अचानक मालामाल हो गई। राफेल डील के बाद उसे 284 करोड़ का बड़ा फायदा हुआ है।

दरअसल रिलायंस एयरपोर्ट डेवलपर्स लिमिटेड (RADL) ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 284 करोड़ रुपए की कमाई की है।

2016 में कंपनी की कमाई बिल्कुल नहीं हुई थी और 9 लाख का घाटा हुआ था जबकि 2017 में 6 लाख की कमाई हुई थी लेकिन 10.35 लाख का घाटा हुआ था। ठीक वही कंपनी 2017-18 में 284.19 करोड़ कमा लेती है, जिसकी बड़ी वजह रही डसॉल्ट कंपनी के साथ सहयोगी बन जाना।

राफेल सिर्फ घोटाला नहीं ‘महाघोटाला’ है, PM मोदी इस्तीफा दें और अंबानी को जल्द गिरफ्तार किया जाए : संजय सिंह

सवाल उठता है कि इस घाटे की कंपनी के साथ करोड़ों की डील क्यों की गई ? इसका जवाब खुद डसॉल्ट कंपनी के सीईओ एरिक ट्रैपीएर द्वारा सीएनबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू के जरिए मिलता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने रिलायंस के साथ ही डील इसलिए किया क्योंकि रिलायंस के पास एयरपोर्ट के सामने जमीन थी।

अब सवाल उठता है इस जमीन की उपलब्धता के पीछे कौन था ? यानी एयरपोर्ट के सामने इतनी कीमती जमीन एक झटके में मिल जाने के पीछे किसकी सिफारिश थी ?

दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2015 में इस जमीन के लिए आवेदन किया जाता है और मोदी सरकार उनपर इतना मेहरबान होती है कि अगस्त 2015 में ही उन्हें जमीन दे दी जाती है और इसी जमीन के आधार पर 2017 में डसॉल्ट कंपनी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट करती है।

अंबानी की कंपनी कि यह उन्नति ठीक 1 साल पहले की जय शाह की संपत्ति में आई बढोत्तरी के पैटर्न पर है । तब भी एक घाटे की कंपनी की अचानक 1 साल के अंदर 16000 गुना ज्यादा कमाई हुई थी और 50,000 की कंपनी 80 करोड़ की बन गई थी ।

इसी तरह 2016 और 2017 में घाटे में रहने वाली अंबानी की कंपनी अचानक 2017-18 में अरबों की कमाई कर जाती है।

द वायर में छपी रोहिणी सिंह और रवि नायर की साझा रिपोर्ट में तमाम परतें खोली गई हैं और तमाम सवाल उठाए गए हैं।

गौरतलब है कि 1 साल पहले जय शाह की भी पोल रोहिणी सिंह की ही रिपोर्ट से खुली थी।

आज इस रिपोर्ट के जरिए तमाम सवाल उठाए गए कि घाटे में रहने वाली एक कंपनी कैसे अचानक करोड़ों का मुनाफा हो जाता है, अंतरराष्ट्रीय कंपनी कैसे उसमें करोड़ों रुपए इन्वेस्ट कर देती है और कैसे उसी ही झटके में जमीन मिल जाती है ?

अंबानी की कंपनी की यह कमाई इस बात की ओर इशारा करता है कि अमीरों के अच्छे दिनों वाला मॉडल जारी है।