योगी की पुलिस उस बेकाबू सांड की तरह हो गई है जो किसी को भी कभी भी मार सकती है। इस बार योगी की पुलिस का कहर सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर टूटा है। पुलिस ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दी है।

लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाई। इसमें कई अभ्यर्थी बुरी तरह से घायल हुए हैं।

दरअसल, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी बीटीसी की इस शिक्षक भर्ती में मेरिट को घटाकर 30 से 33 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं, जो कि 40 से 45 प्रतिशत रखी गई है। अपनी इसी मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ी तादाद में अभ्यर्थियों ने विधानसभा का घेराव किया।

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घेराव के बाद अभ्यर्थी राज्य की योगी सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे। जिसपर योगी की पुलिस भड़क गई और अभ्यर्थियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज शुरु कर दिया। इस दौरान पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को घसीट-घसीट कर पीटा।

पुलिस के इस लाठीचार्ज की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। जिसमें अभ्यर्थियों पर पुलिस की बर्बरता को साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही महिला अभ्यर्थियों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

सोशल मीडिया पर नेताओं से लेकर आम लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। योगी की पुलिस पर सभी का आक्रोश शब्दों में निकल रहा है।

BTC अभ्यर्थियों की पिटाई करने वाली योगी सरकार पागल हो चुकी है, जो महिलाओं पर लाठियां बरसाती है

इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अनिल यादव ने ट्वीट करके कहा कि, “इन नौजवानों का कसूर सिर्फ इतना है कि, इस नौजवान पीढ़ी को पकौड़े बेचना गवारा नहीं है।”

कुछ दिनों पहले देश में रोजगार को लेकर मोदी सरकार से सवाल किया गया तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पकौड़े को एक रोजगार बताकर बता दिया था कि नौजवान पकौड़े का ठेला लगाएं। इस बयान पर पीएम ने अपनी खूब किरकिरी करवाई थी।