बीजेपी के चुनावी वादों से जुड़ा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें भरोसा नहीं था कि वह सच में सत्ता में आ सकते हैं इसलिए उन्होंने जनता से ढ़ेरों वादे कर लिए।

गडकरी ने एक मराठी शो के दौरान बीजेपी के वादों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हम सभी का दृढ़ विश्वास और प्रखर आत्मविश्वास था कि हम जीवन में कभी सत्ता में आएंगे ही नहीं।

इसलिए हमारे आसपास के लोग कहते थे कि आप तो बोलिए, वादे कीजिए, क्या बिगड़ेगा? आप पर कौन-सी जवाबदारी आने वाली है?

नितिन गडकरी का हैरान कर देने वाला बयान, बोले- हम झूठे वादे कर रहे थे मगर लोगों ने सच में सत्ता दे दी

इसके बाद जब इंटरव्यू ले रहे नाना पाटेकर ने पूछा की जब आपसे उन वादों पर सवाल पूछा जाता है तब क्या कहते हैं? इसपर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि हम भी हंस देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।

गडकरी की टिप्पणी से विपक्ष को अपने उन आरोपों के सर्मथन के तौर पर पेश करने का मौक़ा मिल गया है जिसमें कहा जाता है कि मोदी ने सत्ता में आने के लिए झूठे वादे किए थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गडकरी के बयान का वीडियो क्लिप ट्वीट कर लिखा, “सही फ़रमाया, जनता भी यही सोचती है कि सरकार ने लोगों के सपनों और उनके भरोसे को अपने लोभ का शिकार बनाया है”|

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वहीं राहुल गांधी के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए बीजेपी के निलंबित सांसद कीर्ति आज़ाद ने लिखा, “नितिन गडकरी जी यह क्या सच उगल दिया आपने? अब सारी दुनिया यही कह रही है कि यह जुमले बाजों की सरकार है। राहुल गांधी भी आपकी बातों की पुष्टि कर रहे हैं”।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के वक़्त बीजेपी ने अच्छे दिन से लेकर कालेधन वापसी और सबके अकाउंट में 15-15 लाख देने की बात कही थी। चाहे वो पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करना हो या फिर नौजवानों को रोज़गार देना हो।

मोदी सरकार अब एक के बाद एक अपने सारे वादों से मुकरती नज़र आ रही है ऐसे में गडकरी का बयान जनता का मज़ाक बनाना है।

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हालांकि गडकरी ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि उन्होंने यह बयान लोकसभा चुनावों को लेकर नहीं दिया, उनका यह बयान महाराष्ट्र चुनावों को लेकर था। महाराष्ट्र में चुनाव के समय मुंडे जी और देवेंद्र जी ने टोल माफ करने की बात कही थी।

जिसपर मैंने कहा था कि ऐसा करने से नुकसान होगा तो वे लोग बोले- अरे हमलोग सत्ता में कहां आने वाले हैं। उसमें किसी सरकार की बात नहीं थी, मोदी जी की बात नहीं थी। 15 लाख की बात नहीं थी।