यूपी विधानसभा के आगे हुए BTC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना की जा रहीं है.

यह पहला मौका नहीं है था जब योगी सरकार की पुलिस ने रोजगार को लेकर किए जा रहे किसी प्रदर्शन पर लाठीचार्ज करने के आदेश दिए हो.

हाल ही में हुए बीएड और टीईटी पास शिक्षकों ने राजधानी में आंदोलन किया था. इस आंदोलन में भी शिक्षकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की गई थी. इस आंदोलन में एक गर्भवती महिला को लाठी मारने के कारण यूपी पुलिस और सरकार की आलोचना पूरे देश में की गई थी.

इस आंदोलन के बाद आई लोगों की प्रतिक्रिया को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि शायद इस घटना से यूपी सरकार कोई सबक लेगी और एक के बाद एक हो रहे इन प्रदर्शनों का शांति से हल खोजेगी.

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लेकिन कल हुए प्रदर्शन पर लाठीचार्ज ने यह सबित कर दिया है कि ना तो सरकार प्रदर्शनकारियों के आगे झुकेगी ना ही प्रदर्शनकारी इतनी जल्दी हार मानने वाले हैं.

प्रदर्शन कर रहे BTC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की जो तस्वीरें सोशल मीडिया जैसे ही आई वैसे ही योगी सरकार की आलोचना का दौर एक बार भी शुरू हो गया.

इस बार भी प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में गंभीर चोटें आई है. जिसे लेकर लागतार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं.

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यूपी के आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने भी इस घटना पर योगी सरकार के खिलाफ BTC अभ्यर्थियों किए गए लाठीचार्ज की निंदा की और ट्विट कर लिखा कि लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज 56 इंची सरकार ने कार्यवाही कर दिखा दिया नौजवान के प्रति योगी जी क्या vision रखते हैं। हर एक लाठी का जवाब देगी जनता ब्याज समेत.

इस प्रदर्शन के साथ ही यूपी की सियासत में फिर एक बार विरोध के सुर और तेज हो गए है. देखना होगा कि लगातार एक बाद एक रोजगार के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शनों पर योगी सरकार कैसे काबू पा सकती है