भारत में पहले और विश्व में चौथे रेवोल्यूशन सेंटर के उद्घाटन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने औद्योगिक क्रांति पर चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा जब पहली औद्योगिक क्रांति हुई, तो भारत गुलाम था।

जब दूसरी औद्योगिक क्रांति हुई, तो भी भारत गुलाम था। जब तीसरी औद्योगिक क्रांति हुई, तो भारत स्वतंत्रता के बाद मिली चुनौतियों से ही निपटने में संघर्ष कर रहा था।

मोदी ने कहा कि भारत इसे सिर्फ इंडस्ट्री में बदलाव में तौर पर नहीं बल्कि समाज में बदलाव के तौर पर देख रहा है।

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उन्होंने आगे कहा कि मैं मानता हूं कि चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत का योगदान, पूरे विश्व को चौंकाने वाला होगा।

पीएम मोदी का इतना कहना था कि लोगों ने सोशल मीडिया पर उनपर निशाना साधना शुरू कर दिया। हेमंत नाम के एक यूज़र ने पीएम मोदी के बयान पर कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी के लिए दलाली करना औधोगिक क्रांति नहीं कहलाता।

एक और यूज़र जतिन ने लिखा, लेकिन मित्रो! असली क्रांति अब होगी जब पेट्रोल 90 और डॉलर 75 पार होगा क्योकिं मित्रों मोदी जी जो भी करते है अच्छा ही करते है। भक्तों की भक्ति में कमी कभी नहीं आएगी सालों से गोबर भरा है इतनी जल्दी दिमाग नहीं खुलने वाला।

बता दें कि मोदी सरकार पर लगातार रिलायंस का साथ देने का आरोप लग रहा है। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है की पीएम मोदी गरीब जनता के साथ है या फिर करोड़ोपतियों के साथ।

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